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    राजभर के बेटे को मिली धमकी, दफ्तर में तानी पिस्टल

    Bynewshuntexpress

    Aug 14, 2026
    ओम प्रकाश राजभर के बेटे को जान से मारने की धमकी, सुभासपा कार्यालय में पिस्टल तानने का आरोप

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में एक व्यक्ति के कथित तौर पर पिस्टल लेकर पहुंचने और पार्टी नेताओं को धमकाने का मामला सामने आया। घटना को लेकर पार्टी की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है।

    क्या है पूरा मामला?

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुभासपा कार्यालय में एक व्यक्ति के पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हुई। कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश चौधरी की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति ने कार्यालय में मौजूद लोगों के साथ अभद्रता की और पिस्टल दिखाकर धमकी दी। रिपोर्टों में व्यक्ति की पहचान राशिद अली के रूप में बताई गई है।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना के समय कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उनके बेटे डॉ. अरविंद राजभर कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसलिए शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर यह कहना अधिक सही होगा कि धमकी उनके बेटे को लेकर दी गई बताई गई है, न कि यह कि वह मौके पर मौजूद थे।

    सुभासपा कार्यालय में मचा हड़कंप

    बताया जा रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति पहले फोन के जरिए कार्यालय में मौजूद लोगों की जानकारी लेने के बाद वहां पहुंचा। इसके बाद कथित रूप से उसने पिस्टल निकालकर धमकी दी। घटना से कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पार्टी की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

    ओम प्रकाश राजभर ने लगाए राजनीतिक आरोप

    घटना के बाद ओम प्रकाश राजभर ने इसे गंभीर बताते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर राजनीतिक हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर उनके पार्टी कार्यालय में इस तरह की घटना हुई है। हालांकि, किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है

    राजभर ने राजनीतिक लड़ाई को जनता और मुद्दों के बीच रखने की बात कही और कथित धमकी की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

    पुलिस जांच पर टिकी नजर

    पुलिस शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपी की पहचान और कथित हथियार की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी। कार्यालय और आसपास के CCTV फुटेज भी जांच में अहम साबित हो सकते हैं।

    फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है। इसलिए आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही अंतिम रूप से सही माना जा सकेगा।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    सुभासपा जैसे राजनीतिक दल के कार्यालय में कथित तौर पर हथियार लेकर किसी व्यक्ति के पहुंचने की घटना ने राजनीतिक कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर तब, जब घटना में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उनके परिवार को धमकी दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस आरोपी तक कितनी जल्दी पहुंचती है और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह व्यक्तिगत विवाद था, राजनीतिक विवाद से जुड़ा मामला था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।